छोटी लड़की
आँचल के छोर से बंधी
उँगलियों के जोर से सधी
चाँद के जादू से डरी
प्रेत के किस्सों से भरी
गुडिया पिटारा रखती
नीम निम्बौरी चखती
चौखट - दालान की मिट्टी
ऊंची फ्राक से चिपटी
छत पर आँखें मटकाती
साड़ी पहन के शर्माती
कसी गुंथी चोटी
डरी सहमी छोटी
बड़ी लड़की
आँगन दालान बंधी
आंखों के जोर सधी
चाँद का जादू है
रात बेकाबू है
आँचल के छोर से बंधी
उँगलियों के जोर से सधी
चाँद के जादू से डरी
प्रेत के किस्सों से भरी
गुडिया पिटारा रखती
नीम निम्बौरी चखती
चौखट - दालान की मिट्टी
ऊंची फ्राक से चिपटी
छत पर आँखें मटकाती
साड़ी पहन के शर्माती
कसी गुंथी चोटी
डरी सहमी छोटी
बड़ी लड़की
आँगन दालान बंधी
आंखों के जोर सधी
चाँद का जादू है
रात बेकाबू है
छत की कड़ियाँ गिनती
मुश्किल घड़ियाँ गिनती
दीवारों को तकती
दीवारें उसको तकती
हर धड़कन आहट है
हर आहट उलझन है
हर किस्सा अपना है
हर अपना सपना है
बाहर जमाना है
लोगों का ताना है
ऊंची है ताड़ सी
बढ़ती है बाढ़ सी
कैसी मुहजोर है
कैसी सहजोर है
खाट पर लेटी है
मन ही मन ऐंठी है
चुपचाप सुनती है
चुपचाप सुनती है
मन ही मन गुनती है
- डरी सहमी लड़की
वीणा सिंह